आज़ादी रज कर रोई है,
ये कैसा मुल्क बना बैठेI
हे! वीर सपूत किसके लिए,
तुम अपनी जान गवा बैठे II
ये जात धर्म में बटे लोग ,
मेरे मुल्क को क्या बाटेंगे I
गांधी बापू भी किस किस को ,
अहिंसा का पाठ पढ़ा बैठे II
ये मातृभूमि शर्मिंदा है,
ऐसे कपूतों को पाकर II
मोदी जी किन धूर्तो के लिए ,
"स्टैंड अप इंडिया" का ख्वाब सजा बैठे II
हे! वीर सपूत किसके लिए,
तुम अपनी जान गवा बैठे II
Himani Sharma
ये कैसा मुल्क बना बैठेI
हे! वीर सपूत किसके लिए,
तुम अपनी जान गवा बैठे II
ये जात धर्म में बटे लोग ,
मेरे मुल्क को क्या बाटेंगे I
गांधी बापू भी किस किस को ,
अहिंसा का पाठ पढ़ा बैठे II
ये मातृभूमि शर्मिंदा है,
ऐसे कपूतों को पाकर II
मोदी जी किन धूर्तो के लिए ,
"स्टैंड अप इंडिया" का ख्वाब सजा बैठे II
हे! वीर सपूत किसके लिए,
तुम अपनी जान गवा बैठे II
Himani Sharma


