Tuesday, February 23, 2016

Aazadi raj kar royi hai, ye kaisa mulk bna bethe

आज़ादी रज कर रोई है,
ये कैसा मुल्क  बना बैठेI
हे! वीर सपूत किसके लिए,
तुम अपनी जान गवा  बैठे II

ये जात धर्म में बटे लोग ,
मेरे मुल्क को क्या बाटेंगे I
गांधी बापू भी किस किस को ,
अहिंसा का पाठ पढ़ा बैठे II

ये मातृभूमि शर्मिंदा है,
ऐसे कपूतों को पाकर II
मोदी जी  किन धूर्तो के लिए ,
"स्टैंड अप इंडिया" का ख्वाब सजा बैठे II

हे! वीर सपूत किसके लिए,
तुम अपनी जान गवा  बैठे II



Himani Sharma

Tuesday, February 16, 2016

वो जो औरों को वीरान कहा करते हैं I

वो जो औरों को वीरान कहा करते हैं I
भरी महफ़िल में भी तन्हा रहा करते हैं II
दर्द की आँच पर हाथ सेकने वाले,  अक्सर
वक़्त की आँधी में कहीं  बिखरे मिला करते हैं II

HIMANI SHARMA

मुझे खुद से मिला दे यूँ कि कोई बात न रहे I

मुझे खुद से मिला दे यूँ कि  कोई बात न रहे I
तेरे मेरे दरम्यां कोई शक सवालात न रहे II
है खबर मुझे कि 'धीर ' नही कहते बड़ा हूँ मैं I
पर एक  इशारा तो दे कि तेरे साथ खड़ा हूँ मैं II

HIMANI SHARMA