बहुत कुछ कहना चाहा उसने और कहा भी था एक बार l
तेरे साथ मिले गर ज़िंदगी मैं जी जाऊं सौ सौ बार ll
पर वक़्त था कुछ ऐसा जब जब मैंने हाथ बढ़ाया है l
हर बार गलत फहमियां थीं , कभी उस पार कभी इस पार ll
तेरे साथ मिले गर ज़िंदगी मैं जी जाऊं सौ सौ बार ll
पर वक़्त था कुछ ऐसा जब जब मैंने हाथ बढ़ाया है l
हर बार गलत फहमियां थीं , कभी उस पार कभी इस पार ll
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